इतिहास
संस्कृत साहित्य में इतिहास धर्म, कर्तव्य, राजधर्म, भक्ति तथा मानव जीवन मूल्यों को सजीव कथारूप में प्रस्तुत करने वाली महाकाव्य परम्परा के रूप में प्रतिष्ठित हैं. वेदार्थ को जीवनानुभवों से जोड़ते हुए, आदर्श चरित्रों के माध्यम से आचरण योग्य मार्ग को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना इतिहासों की प्रमुख विशेषता है.
इतिहासों में भगवान के अवतार स्वरूप, धर्मस्थापना के लिए सम्पन्न दिव्य कार्य, तथा जीवात्मा के सम्मुख उपस्थित नैतिक और आध्यात्मिक संघर्षों का व्यापक चित्रण किया गया है. ये ग्रन्थ केवल कथात्मक रचनाएँ नहीं हैं, बल्कि समाज को दिशा प्रदान करने वाले धर्मसूत्रों के रूप में भी प्रामाणिक स्थान रखते हैं. इसी कारण अध्ययन, पारायण तथा नित्यस्मरण के लिए इतिहास अत्यन्त महत्त्वपूर्ण आधार माने जाते हैं.
इस विभाग में संस्कृत इतिहास ग्रन्थों को परम्परा के अनुरूप, अध्ययन तथा पारायण के अनुकूल स्वरूप में क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया जाएगा. प्रारम्भिक चरण में श्रीरामायण तथा महाभारत जैसे प्रमुख इतिहास ग्रन्थों को प्राथमिकता दी जाएगी.
वर्तमान में इस विभाग में केवल शीर्षकों का संकेत दिया गया है. संबंधित इतिहास ग्रन्थों का कार्य प्रारम्भ होने पर, उनकी विषयवस्तु परम्परानुसार क्रमशः जोड़ी जाएगी.
